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रोसड़ा में शिक्षक की हत्या के बाद बवाल: शव पहुंचते ही भड़का आक्रोश, सड़क जाम और पुलिस पर गंभीर आरोप

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रोसड़ा थाना क्षेत्र के ठाहर गांव में आपसी विवाद में हुई मारपीट में घायल शिक्षक पवन कुमार चौधरी की इलाज के दौरान मौत के बाद इलाके में तनाव फैल गया। शव पहुंचते ही ग्रामीणों ने सड़क जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।

रोसड़ा/आलम की खबर:रोसड़ा थाना क्षेत्र के ठाहर गांव में एक आपसी विवाद ने हिंसक रूप लेकर जिस तरह शिक्षक की जान ले ली, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गंभीर रूप से घायल शिक्षक पवन कुमार चौधरी की इलाज के दौरान पटना स्थित आईजीआईएमएस में मौत हो गई, जिसके बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। मंगलवार की शाम जैसे ही उनका शव गांव पहुंचा, सैकड़ों ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और रोसड़ा-हथोड़ी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया गया। लोग पुलिस प्रशासन पर लापरवाही और समय पर कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप लगाते हुए लगातार प्रदर्शन करते रहे।

घटना के बाद से ही ठाहर गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग इस पूरी वारदात को एक योजनाबद्ध हमला बता रहे हैं, जिसमें एक शिक्षक और उनके परिवार को निशाना बनाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप किया होता, तो आज एक शिक्षक की जान नहीं जाती।

क्या है पूरा मामला

यह घटना 7 मई 2026 की रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है, जब ठाहर गांव में रहने वाले शिक्षक पवन कुमार चौधरी अपने घर में मौजूद थे। उनके पुत्र प्रभात रंजन चौधरी के अनुसार वह उस समय घर के दरवाजे पर बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक घर की बिजली काट दी गई, जिससे माहौल संदिग्ध हो गया।

जैसे ही उन्होंने बाहर जाकर देखा और वापस लौटे, तभी गांव के कुछ लोग हथियारों से लैस होकर दरवाजे पर पहुंच गए। आरोप है कि इसी दौरान संतोष पासवान समेत अन्य लोगों ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे प्रभात रंजन चौधरी घायल हो गए। शोर सुनकर जब उनके पिता पवन कुमार चौधरी, माता और भाई बचाने पहुंचे तो हमलावरों ने उन पर भी बेरहमी से हमला कर दिया।

पीड़ित परिवार के अनुसार हमलावरों ने लोहे की रॉड, फरसा, तलवार और हॉकी स्टिक जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया। आरोप यह भी है कि इस दौरान घर में घुसकर तोड़फोड़ की गई और दरवाजे-खिड़कियां क्षतिग्रस्त कर दी गईं। इसके अलावा घर में रखे लगभग 50 हजार रुपये नकद, एक डेल कंपनी का लैपटॉप और मोबाइल फोन भी लूट लिए गए।

गंभीर हालत में कई अस्पतालों में चला इलाज

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से डायल 112 और एंबुलेंस के जरिए सभी घायलों को पहले रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल समस्तीपुर रेफर कर दिया गया।

हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने उन्हें डीएमसीएच दरभंगा भेज दिया। लेकिन लगातार बिगड़ती स्थिति के कारण परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए पवन कुमार चौधरी को समस्तीपुर स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां से भी स्थिति नाजुक होने पर उन्हें पटना के आईजीआईएमएस (Indira Gandhi Institute of Medical Sciences) ले जाया गया, जहां लंबी इलाज प्रक्रिया के बाद उनकी मौत हो गई।

डॉक्टरों के अनुसार उन्हें सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

पुलिस ने दर्ज किया मामला और शुरू की कार्रवाई

इस पूरे मामले में रोसड़ा थाना कांड संख्या 171/2026 दिनांक 11 मई 2026 को विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।

रोसड़ा थाना अध्यक्ष लालबाबू कुमार ने जानकारी दी कि इस मामले में कई आरोपियों की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुमंत कुमार उर्फ सुमन कुमार, कन्हैया चौधरी, गणेश कुमार चौधरी उर्फ माधव कुमार चौधरी और संतोष पासवान को विभूतिपुर थाना क्षेत्र के महथी गांव से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस का कहना है कि अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही पूरे गिरोह को पकड़ लिया जाएगा। मामले में लूट, हत्या के प्रयास और गंभीर मारपीट सहित कई धाराएं लगाई गई हैं।

शव पहुंचते ही भड़का ग्रामीणों का आक्रोश

मंगलवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शिक्षक पवन कुमार चौधरी का शव ठाहर गांव पहुंचा, पूरे इलाके में मातम छा गया। परिजनों की चीख-पुकार और ग्रामीणों की भीड़ ने माहौल को और भावुक बना दिया।

इसके बाद सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और रोसड़ा-हथोड़ी मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि घटना के बाद पुलिस ने शुरुआत में ढिलाई बरती, जिसके कारण स्थिति इतनी गंभीर हो गई। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि समय पर कार्रवाई होती तो शिक्षक की जान बचाई जा सकती थी।

इलाके में तनाव, प्रशासन अलर्ट

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस प्रशासन मौके पर कैंप कर रहा है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। हालांकि समाचार लिखे जाने तक सड़क जाम जारी था और ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए थे।

स्थानीय प्रशासन लगातार लोगों को समझाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन आक्रोशित भीड़ शांत होने को तैयार नहीं दिख रही है। गांव में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

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